बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार लाने, लेटलतीफी रोकने और दफ्तरों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब नया ऑफिस शेड्यूल और अनिवार्य बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली (Biometric Attendance System) लागू कर दी गई है।

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा जारी किया गया यह नया आदेश 23 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गया है। आइए जानते हैं इस नए आदेश में कर्मचारियों के लिए क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।

नए नियम और ऑफिस शेड्यूल की मुख्य बातें (Key Highlights):

  • ⏱️ ऑफिस का नया समय: अब सभी सरकारी कर्मचारियों को सुबह 9:30 बजे तक हर हाल में कार्यालय पहुंचना अनिवार्य होगा। वहीं, ड्यूटी खत्म होने का समय शाम 6:00 बजे निर्धारित किया गया है।

  • 👆 बायोमेट्रिक हाजिरी (Biometric Attendance) अनिवार्य: कर्मचारियों की उपस्थिति अब केवल बायोमेट्रिक (डिजिटल) सिस्टम के जरिए ही दर्ज की जाएगी। कागजी हाजिरी का सिस्टम अब मान्य नहीं होगा। यह कदम दफ्तरों में पारदर्शिता लाने और देर से आने की पुरानी आदत पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।

  • 🍱 लंच ब्रेक (Lunch Break): सभी कर्मचारियों के लिए दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक का समय लंच के लिए तय किया गया है।

  • 👩 महिला कर्मचारियों के लिए विशेष रियायत: सरकार ने महिला कर्मियों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए उन्हें कार्यालय के समय में विशेष छूट दी है। महिला कर्मचारी शाम 5:00 बजे तक ही कार्यालय में रहेंगी, जिसके बाद वे अपने घर जा सकती हैं।

  • ⚠️ सख्त कार्रवाई के निर्देश: सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचेंगे या इन नए नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक (Disciplinary) कार्रवाई की जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

बिहार सरकार का यह कदम राज्य के प्रशासनिक कामकाज को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने और जनता की शिकायतों को समय पर दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि कर्मचारी समय पर दफ्तर नहीं पहुँचते हैं, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बायोमेट्रिक सिस्टम और नए टाइम टेबल से सरकारी दफ्तरों की कार्यक्षमता में काफी सुधार होने की उम्मीद है।