बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। 'बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026' को आधिकारिक तौर पर 11 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है।
अब सरकारी नौकरी में रहते हुए मनमर्जी तरीके से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना, ऑफिस में रील बनाना या बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठना आपको भारी पड़ सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर इसे "कदाचार" (Misconduct) माना जाएगा और कर्मचारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई (जिसमें सेवा समाप्ति भी शामिल है) की जाएगी।
आइए जानते हैं इस नई नियमावली के 7 सबसे महत्वपूर्ण नियम जिनका पालन करना अब हर सरकारी कर्मचारी के लिए अनिवार्य है:
1. 📱 सोशल मीडिया पर विचारों की पाबंदी
अब कोई भी सरकारी कर्मचारी बिना सरकार की पूर्व अनुमति के फेसबुक, इंस्टाग्राम, 'X' (ट्विटर) या किसी भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों, योजनाओं या सुप्रीम कोर्ट/हाई कोर्ट के फैसलों पर अपनी निजी राय नहीं रख सकता है।
2. 🚫 ऑफिस में रील और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध
अगर आपको ऑफिस में वीडियो बनाने का शौक है, तो सतर्क हो जाएं। कार्यालय परिसर के अंदर रील बनाना, फोटो खींचना, वीडियो रिकॉर्ड करना या किसी भी प्रकार की लाइव स्ट्रीमिंग करना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी है।
3. ⚖️ राजनीतिक तटस्थता है जरूरी
सरकारी पद पर रहते हुए किसी भी राजनीतिक दल, राजनीतिक संस्था या सार्वजनिक हस्ती (Public Figure) के समर्थन या विरोध में कोई भी पोस्ट करना या बयान देना सख्त वर्जित है।
4. 🎭 छद्म नाम (Fake ID) से पोस्ट करने पर भी निगरानी
अगर आप सोचते हैं कि आप अपनी पहचान छिपाकर या किसी फर्जी नाम (pseudonym) से आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट कर देंगे और बच जाएंगे, तो ऐसा नहीं है। सरकार ऐसे अकाउंट्स की भी मॉनिटरिंग करेगी और पकड़े जाने पर सीधी कार्रवाई होगी।
5. 📧 सरकारी संसाधनों के निजी इस्तेमाल पर रोक
अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट (जैसे पर्सनल फेसबुक या ट्विटर) को बनाने या चलाने के लिए अपनी सरकारी ईमेल आईडी (Government Email ID) या सरकारी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अब प्रतिबंधित कर दिया गया है।
6. 📚 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सिर्फ "एक" मौका
यह नियम युवा कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब सेवा में आने के बाद, कोई भी कर्मचारी अपनी पूरी नौकरी की अवधि के दौरान किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए केवल एक बार ही आवेदन कर सकेगा। इसके लिए भी संबंधित विभाग से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) लेना पूरी तरह से अनिवार्य होगा।
7. 🏥 सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर बैन
सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। अब सरकारी डॉक्टर किसी भी तरह की प्राइवेट प्रैक्टिस (निजी क्लीनिक) नहीं कर सकेंगे। इस नियम को तोड़ने पर सीधे नौकरी से बर्खास्तगी (सेवा समाप्ति) तक की कार्रवाई हो सकती है।
📌 निष्कर्ष (Conclusion):
बिहार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों के आचरण पर अब पैनी नजर रखी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसलिए, एक जिम्मेदार सरकारी सेवक के रूप में यह जरूरी है कि आप इन नए नियमों (Conduct Rules 2026) का पालन करें और किसी भी प्रकार के विभागीय एक्शन से बचें।
अपने सभी सहकर्मियों के साथ इस महत्वपूर्ण जानकारी को जरूर शेयर करें ताकि किसी से भी अनजाने में कोई गलती न हो!